Aurangzeb के भारत पर अत्याचार | Who killed Aurangzeb

तानाशाह औरंगजेब ने भारत पर किए थे बहुत सारे अत्याचार, आपका दिल भी दहल जाएगा 

 

 

 

आज हम आपको भारत के सबसे controversial सम्राट, Aurangzeb के अत्याचार, और उसने अपनी जिंदगी मे ऐसे क्या क्या कारनामे किए जिसकी वजह से लोग आज भी उसे गालियां देते है , आज हम ये topic cover करने वाले है जैसेकी

1 उसके शासन की strict policies

2 और जो उसने भारत के लोगों के साथ किया,

आज हम उन सभी चीजों पर बात करेंगे। जो जो आप सुनना चाहते हो

 

तानाशाह Aurangzeb

पहले ये जानते है की क्या औरंगजेब बस एक शासक था, या वो उन मे से था की जो अपने साम्राज्य को पूरी दुनिया मे फैलाना चाहता था , या फिर वह एक क्रूर और अत्याचारी सम्राट था?

खैर इसमे कोई दोराही नहीं है की Aurangzeb किस तरह का सम्राट था क्योंकि भारत की history की किताबों मे उसे हमेशा से ही एक अच्छा सम्राट बताया है जैसेकी वो लोगों की मदत करता था और हिन्दुओ को हमेशा से support करता था लेकिन अब लोगों को Aurangzeb के बारे सब कुछ पता चल चुका है । वो हमेशा से ही हिन्दुओ का सबसे बड़ा दुश्मन रहा है, उसका सिर्फ एक मकसद था वो भारत देश को ही anti hindu बनाना चाहता था।

Aurangzeb ने अपने राज मे सिर्फ dictatorship ही करी है यानीकी तानाशाही, जैसेकी north korea मे किम जोंग उन (Kim Jong Un) आज के समय मे कर रहा है

 

 

Aurangzeb कब पैदा हुआ था 

Aurangzeb का जन्म 3 नवम्बर, 1618 को दक्कन में दीनपनाही में हुआ था। वो मुग़ल सम्राट शाहजहाँ और मुमताज़ महल का बेटा था । औरंगजेब का असली नाम मुहियुद्दीन मुहम्मद औरंगजेब था । इसका पूरा नाम कही लोगों को पता तक नहीं है क्योंकि इसका नाम थोड़ा अजीब है, लोगों सिर्फ औरंगजेब बोलना ही पसंद करते है ओर उसका यही नाम फेमस हो गया ।

 Aurangzeb ने अपने साम्राज्य की शुरुआत कैसे करी 

औरंगजेब ने 1658 में अपने पिता शाहजहाँ को जेल में डालकर दिल्ली की गद्दी पर कब्जा किया। वह अपने चार भाइयों को हराकर sorry हराकर नहीं बल्कि उनको मार कर सम्राट बना। औरंगजेब ने अपनों की बली देकर अपना साम्राज्य खड़ा किया था । लेकिन फिर भी भारत मे कुछ लोग है जो इसकी तारीफ करते नहीं थकते है। लेकिन इनको कौन समझाए की मुगल तुम्हारे पूर्वजह नहीं थे ।
औरंगजेब का शासनकाल **1658 से लेकर 1707** तक था, और इस दौरान उसने अपने साम्राज्य को काफी फ़ैला दिया था ।

औरंगजेब ने मंदीर क्यों तोड़े थे 

औरंगजेब के शासन का एक पहलू था, वो थी उसकी धार्मिक कट्टरता। जब तक वो सम्राट था उस दौरान कई हिंदू मंदिरों को demolished यानि की मंदिरों को तबाह कर दिए और हिंदू धर्म के खिलाफ उसने कई ऐसे कदम उठाए जिससे लोग धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर हो जाएं । इसके साथ ही उसने ” जिजिया कर” को लागू किया। ये कर सिर्फ hindu लोगों के ऊपर ही लगाया जाता था ताकि वो धर्म परिवर्तन करके उसके साथ शामिल हो जाएं ।

 

 आखिर क्या था “जिजिया कर”

जिजिया कर एकतरफा Tax था जोकी सिर्फ हिन्दुओ पर लगाया जाता था ताकि dictator औरंगजेब धर्म परिवर्तन के लिए हिंदू धर्म के लोगों पर दबाव डाल सके।

अगर कोई भी हिन्दू इस tax से बचना चाहता तो उसे धर्म परिवर्तन करना ही पड़ता था क्योंकि ये जिजिया कर सिर्फ, हिन्दू लोगों के लिए ही बनाया गया था।

Aurangzeb ने कितने युद्ध लड़े थे 

Aurangzeb ने दक्कन में कई हिंदू राज्यों और खास कर मराठों के खिलाफ बहुत सारे युद्ध लड़े। इन युद्धों के दौरान, लाखों लोगों की हत्या की गई, और हजारों हिंदू लोगों को बंदी बना लिया गया। Aurangzeb खूद तो क्रूर था ही लेकिन उसकी सेना भी कम क्रूर नहीं थी, उनका डर सबके दिलों मे रहता था वो ना केवल महिलाओं पर बल्कि बच्चों पर भी अत्याचार करते थे।

Aurangzeb के सिखों पर अत्याचार 

औरंगजेब ने सिखों के महान गुरु **गुरु गोबिंद सिंह** को निशाना बनाया। गुरु गोबिंद सिंह और उनके चाहने वाले लोग औरंगजेब की नीतियों के विरोधी थे। इसके परिणामस्वरूप, औरंगजेब ने गुरु गोबिंद सिंह को पकड़ने के लिए कई बार planning करी और सिखों के खिलाफ कही तरह के अत्याचार किए।

Aurangzeb ने महिलाओ पर भी अत्याचार किए 

Aurangzeb ने महिलाओं को भी नहीं छोड़ा उसने महिलाओ पर भी अत्याचार किए थे औरंगजेब ने महिलाओं के अधिकारों पर Restrictions थी । उसने सती प्रथा को बढ़ावा दिया, और कई महिलाओं को अपनी सक्त नीतियों के तहत उन्हे कैद किया। महिलाओं को बहुत ही कम आजादी दी गई थी और उनका शोषण किया जाता था।

औरंगजेब की धार्मिक नीतियाँ बहुत ही जादा सक्त थीं। उसने हिंदू धर्म को दबाने और **इस्लाम** को बढ़ावा देने के लिए कई सारे उपाय किए। वो अपने साम्राज्य में इस्लाम के नियमों का पालन करने के लिए लोगों को encourage करता था और बाकी धर्मों को दबाने के कोशीश हमेशा करता था।

 

Aurangzeb’s Impact on India

औरंगजेब के शासनकाल के बाद, मुग़ल साम्राज्य कमजोर हो गया। औरंगजेब ने अपनी नीतियों के कारण **हिंदू राजाओ और मराठों के खिलाफ बहोत जादा संघर्ष किया था , जिससे सम्राट की शक्ति कमजोर हुई।
मराठा साम्राज्य, जो औरंगजेब के खिलाफ युद्ध लड़ रहा था, धीरे-धीरे वो मुग़ल साम्राज्य से अलग हो गया।

औरंगजेब के शासन के दौरान भारत में धर्मों के बीच मे तनाव बड़ गया था । उसने अपने शासन में धर्मों के बीच भेदभाव को बढ़ावा दिया। और औरंगजेब के वजह से ही हिंदू समाज और मुस्लिम समाज के बीच दुश्मनी ने जन्म लिया।
औरंगजेब के शासन में, कई मंदिरों को तोड़ा गया और **भारतीय संस्कृति को नुकसान हुआ**। हालांकि, उसका शासन कुछ समय तक रहा, लेकिन उसकी **धार्मिक कट्टरता और सांस्कृतिक पाबंदियों** ने भारतीय समाज को बहुत कमजोर कर दिया था । लेकिन अगर मैं औरंगजेब को dictator बोलू तो कही लोगों की जली होगी और और मुझे गालियां दे रहे होंगे लेकिन जो सच है हम तो वही बोलेंगे ।

 

 

औरंगजेब के बारे में इतिहासकारों का क्या मानना है 

आजकल के इतिहासकारों के बीच औरंगजेब के बारे में कई अलग-अलग तरह की सोच रखते है । कुछ उसे धार्मिक कट्टरपंथी मानते हैं, जबकि कुछ उसे strong ruler मानते हैं जिसने अपने साम्राज्य को दुनिया भर मे फैलाया था ।

अगर आम लोगों की बात करे तो उनकी औरंगजेब के बारे में राय मिलीजुली है। कुछ लोग उसे क्रूर शासक मानते हैं, और उसका support नहीं करते है जबकि कुछ ऐसे लोगों भी भारत में रहते है जो उसे मुगल साम्राज्य का सबसे शक्तिशाली शासक मानते हैं, जिसने मुगलों को नए जगहों तक पहुंचाया। ऐसे सोचने वाले लोगों को लगता है की औरंगजेब उनका पूर्वज था लेकिन वो लोग गलत फैमि मे जी रहे है ।

Who killed Aurangzeb

Aurangzeb के बाद मुगल साम्राज्य का क्या हुआ ये सवाल जादातार लोग जानना चाहते है तो चलिए ये भी जान लेते है औरंगजेब की मौत 1707 मे हो गई थी और इसकी मौत naturally हुई थी क्योंकि औरंगजेब काफी बूढ़ा हो गया था और काफी बीमार भी रहने लगा था ।
औरंगजेब की मौत के बाद, 1707 में मुग़ल साम्राज्य में अंदुरुनी और बाहरी हमलों का सामना करना पड़ा था । उसकी धर्म के लिए बनाई हुई पॉलिसी के कारण, भारत में धर्मों का division और political instability बड़ गई थी ।

औरंगजेब की मौत के बाद, भारत में मराठा साम्राज्य, सिख साम्राज्य, और कही छोटे राज्य वापस खड़े हुए। और औरंगजेब के साम्राज्य को बर्बाद कर दिया । औरंगजेब के शासन के दौरान किए गए अत्याचारों ने भारतीय समाज को अलग किया और आगे चलकर ये division और conflicts का कारण बने थे ।

 

 

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Conclusion:-

तो दोस्तों, अब तक आपने जान लिया कि Aurangzeb का शासन भारत के इतिहास में क्यों इतना Controversial है। उसकी धार्मिक कट्टरता, हिंदू धर्म के खिलाफ नीतियाँ, और सामाजिक अशांति , उसके शासन का सबसे बड़ा हिस्सा था । हालांकि, उसके शासन के दौरान मुग़ल साम्राज्य मजबूत हुआ करता था , लेकिन उसकी policies ने भारत में धार्मिक तनाव और division को बढ़ावा दिया।

 

 

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